एक बार एक शिष्य ने विनम्रतापूर्वक अपने गुरु जी से पूछा- गुरु जी कुछ लोग कहते हैं,
कि जीवन एक संघर्ष है..!! कुछ अन्य कहते हैं, कि जीवन एक खेल है..!!
और कुछ लोग, जीवन को एक उत्सव की संज्ञा देते हैं..!!
इनमें कौन सही है ?
"गुरु जी ने तत्काल बड़े ही धैर्यपूर्वक शिष्य को उत्तर दिया,
पुत्र जिन्हें गुरु नहीं मिला, उनके लिए जीवन एक संघर्ष है..!!
जिन्हें गुरु मिल गया, उनका जीवन एक खेल है..!!
और जो लोग गुरु द्वारा बताये गए मार्ग पर चलने लगते हैं,
मात्र वे ही जीवन को एक उत्सव का नाम देने का साहस जुटा पाते हैं..!!
“जिसके जीवन में गुरु नहीं, उसका जीवन शुरू नहीं।“
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